Home Shayari {Best 2022} घटिया लोगों पर शायरी – गिरे हुए लोगों पर शायरी

{Best 2022} घटिया लोगों पर शायरी – गिरे हुए लोगों पर शायरी

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घटिया लोगों पर शायरी

इस दुनिया में घटिया लोगो की कोई कम नहीं,
लोग बाहर से खुद को जितना अच्छा दिखाते है,
असल में अंदर से वो उतने ही घटिया होते है !

Is Duniya Mein Ghatiya Logo Ki Koi Kam Nahi Hai,
Log Bahar Se Khud Ko Jitna Accha Dikhate Hai,
Asal Mein Andar Se Wo Utne Hi Ghatiya Hote Hai !

घटिया-लोगों-पर-शायरी (1)

घटिया लोग गिरगिट की तरह होते है,
जो हमेशा अपना रंग बदलते रहते है !

Ghatiya Log Girgit Ki Tarah Hote Hai,
Jo Hamesha Apna Rang Badlate Rehte Hai !

मतलबी लोगो का यही रिवाज़ होता है
सर्दी में जिस धुप की आस लगाए बैठा था,
गर्मी में देखो वो उसी धुप को गली देता है !

Matlabi Logo Ka Yahi Riwaj Hota Hai,
Sardi Mein Jis Dhup Ki Aas Lagaye Baitha Tha,
Garmi Mein Dekho Wo Usi Dhup Ko Gaali Deta Hai !

सामने दोस्ती और पीठ पीछे दुश्मनी निभा रहे है,
ये घटिया लोग है साहब
जो अपना किरदार बखूबी निभा रहे है !

Samne Dosti Aur Peeth Piche Dushmani Nibha Rahe Hai,
Ye Ghatiya Log Hai Sahab
Jo Apna Kirdar Bakhubi Nibha Rahe Hai !

इस दुनिया में ऐसे घटिया लोग रहते है,
जो अपने मतलब के लिए
वो किसी भी हद तक जा सकते है !

Is Duniya Mein Aise Ghatiya Log Rahte Hai,
Jo Apne Matlab Ke Liye
Wo Kisi Bhi Had Tak Ja Sakte Hai !

ये जरूरत पड़ने पर आगे पीछे दुम हिलाते रहते है,
अपना मतलब निकल जाने पर सब कुछ भूल जाते है !

Ye Jaroorat Padne Par Aage Peeche Dum Hilate Rehate Hai,
Apna Matalab Nikal Jaane Par Sab Kuch Bhool Jaate Hai !

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गिरे हुए लोगों पर शायरी

घटिया इंसान जहरीले नाग से ही जहरीला होता है,
जो कभी भी अपना असली रूप दिखा सकता है !

Ghatiya Insan Jehrile Naag Se Hi Jehrila Hota Hai,
Jo Kabhi Bhi Apna Asali Roop Dikha Sakta Hai !

घटिया-लोगों-पर-शायरी (2)

जो मुंह पर तो आपकी तारीफ करते है,
और पीठ पीछे आपकी बुराई करते है,
ये वही लोग है जिन्हें हम घटिया कहते है !

Jo Muh Par To Aapki Taareef Karte Hai,
Aur Peeth Peeche Aapki Burayi Karte Hai,
Ye Wahi Log Hai Jinhe Ham Ghatiya Kehte Hai !

घटिया लोगो का न खुदा न कोई भगवान होता है,
इनके मन में हर दम बसा सिर्फ सेतान होता है !

Ghatiya Logo Ka Na Khuda Na Koe Bhagwan Hota Hai,
Inke Man Mein Har Dam Basa Sirf Setan Hota Hai !

ऐसे लोगो की फितरत पहचानना मुश्किल है,
जो बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और होते है !

Aise Logo Ki Fitrat Pehchanna Mushkil Hai,
Jo Bahar Se Kuch Aur Andar Se Kuch Aur Hote Hai !

घटिया लोग मतलब के लिए ही किसी से रिश्ता रखते है,
बिना मतलब के तो ये अपने सगे के भी सगे नहीं होते !

Ghatiya Log Matlab Ke Liye Hi Kisi Se Rishta Rakhte Hai,
Bina Matalab Ke To Ye Apne Sage Ke Bhi Sage Nahi Hote !

घटिया लोग अपना कैरेक्टर भी हमेशा,
अपने कपड़ों की तरह बदलते रहते है !

Ghatiya Log Apna Character Bhi Hamesha,
Apne Kapdo Ki Tarah Badalte Rehate Hai !

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सेल्फिश लोगों के लिए शायरी

सिर्फ काम पड़ने पर ही उनकी जुबान मीठी रहती है,
वरना तो ये हर समय कड़वी बाते ही किया करते है !

Sirf Kam Padne Par Hi Unki Juban Meethi Rahti Hai,
Warna To Ye Har Samay Kadvi Baate Hi Kiya Karte Hai !

घटिया-लोगों-पर-शायरी (3)

किसी दुश्मन को पहचानना मुश्किल नहीं होता,
लेकिन घटिया लोगो को पहचानना मुश्किल होता,
क्योंकि ये लोग किसी अपने की भेस में ही होते है !

Kisi Dushman Ko Pehchanna Mushkil Nahi Hota,
Lekin Ghatiya Logo Ko Pehchanna Mushkil Hota,
Kyonki Ye Log Kisi Apne Ki Bhes Mein Hi Hote Hai !

घटिया लोग पीठ पीछे से ही हथियार चलाते है,
ये अपना कहकर ही हमे अपना शिकार बनाते है !

Ghatiya Log Peeth Peeche Se Hi Hathiyar Chalate Hai,
Ye Apna Kahakar Hee Hame Apna Shikaar Banaate Hai !

ये झूठ का नकाब ओढ़े रहते है,
इसलिए इन्हें घटिया लोग कहते है !

Ye Jhoot Ka Nakab Odhe Rahte Hai,
Isliye Inhe Ghatiya Log Kehate Hai !

इस दुनिया में घटिया लोगो की कमी नहीं है,
ये जहाँ भी देखो वहाँ मिल जायेंगे
इनके लिए अपने स्वार्थ से ऊपर कुछ भी नहीं है !

Is Duniya Mein Ghatiya Logo Ki Kami Nahi Hai,
Ye Jaha Bhi Dekho Waha Mil Jayenge
Inke Liye Apne Swarth Se Upar Kuch Bhi Nahi Hai !

कुछ लोगों को आदत होती है जख्म देने की,
और जख्म देने के बाद भी उनका पेट ना भरे
तो वो उन्हीं जख्मों पे बार बार नमक छिड़कते है !

Kuch Logo Ko Aadat Hoti Hai Jakhm Dene Ki,
Aur Jakhm Dene Ke Baad Bhi Unka Pet Na Bhare
To Wo Unhi Jakhmo Pe Baar Baar Namak Chhidkate Hai !

जो दोस्त बनकर धोखा करें,
उससे बड़ा दुश्मन और कोई नहीं,
ऐसे घटिया लोग मुझे बिल्कुल पसंद नहीं !

Jo Dost Bankar Dhokha Kare,
Usse Bada Dushman Aur Koi Nahi,
Aise Ghatiya Log Mujhe Bilkul Pasand Nahi !

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