{#2022} बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं – बवासीर के मरीज इसे अवश्य पढ़ें

आज हम इस पोस्ट में बताएँगे कि आपको बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं, अगर आप बवासीर के मरीज है, तो आप यह पोस्ट पढ़ सकते है।

बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं: भारत में प्राचीन काल से चावल का उपयोग भोजन के रूप में किया जाता आ रहा है। चावल एक उत्तम औषधि है जिसका उपयोग रोगों के इलाज करने के लिए भी किया जाता है। स्वस्थ जीवन कौन नहीं जीना चाहता है, भागदौड़ भरी लाइफ में व्यक्ति के पास इतना समय नहीं रहता है कि वह अपने खानपान और नियमित दिनचर्या पर इतना ध्यान दे सके। अनियमित दिनचर्या और खराब खानपान की वजह से लोगों को कई गंभीर शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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लोगों को कई बीमारियां अपनी चपेट में ले रही है, उनमें से बवासीर भी एक गम्भीर बीमारी है। दूसरी भाषा में बवासीर को पाइल्स भी कहा जाता है। बवासीर एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो मलाशय और गुदा में सूजन की वजह से होती है। इसमें मरीज को मल त्याग करने में बहुत ज्यादा तकलीफ होती है। यदि आप भी बवासीर की बीमारी से परेशान और जानना चाहते है कि बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं, क्या इसका सेवन आपके लाभकारी होगा या नहीं तो आप इस पोस्ट को अंत तक पढ़ सकते है, जिसमें आपके सभी सवालों का जवाब आपको मिल जायेगा।

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बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं

ऐसे में बवासीर के रोगियों के लिए साबुत अनाज जैसे ब्राउन चावल का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। बवासीर के रोगियों के लिए सफेद चावल की बजाय भुरे रंग के चावल का सेवन अच्छा माना जाता है। बवासीर की समस्या से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर द्वारा फाइबर को अपने आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है। फाइबर मल को नरम बना देता है जिससे मल आसानी से बाहर निकल जाता है इसलिए बवासीर रोगियों को फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए। बवासीर के मरीजों को उचित मात्रा में फाइबर का सेवन एवं पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से बवासीर के लक्षणों को कम किया जा सकता है।

पाइल्स यानी बवासीर होने पर व्यक्ति को साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस यानी कि भुरे रंग का चावल, ओट्स, होल व्हीट को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज में फाइबर की अधिक होने की वजह से आसानी से पच जाता है। बवासीर में होने वाला दर्द भी कम हो जाता है।

बवासीर के मरीज को सफेद चावल की बजाय भुरे रंग यानी ब्राउन राइस को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। भूरे रंग के चावल में कार्बोहाइड्रेट, मैगनीज, आयरन, फास्फोरस, फाइबर, नियासिन, विटामिन B6, फैटी एसिड सफेद चावल की अपेक्षा दोगुने होते है। जो बवासीर की समस्या को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा खूनी बवासीर में शालि और साठी का सेवन भी गुणकारी होता है।

Conclusion: तो इस पोस्ट के पढ़कर आपको पता चल गया होगा कि बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं, परन्तु पॉलिश्ड चावल के बजाय भुरे रंग के चावल यानी कि ब्राउन राइस बवासीर के मरीजों को खाना चाहिए।

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